भारत में सौर ऊर्जा अब केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि भविष्य की जरूरत बन चुकी है। प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना ने हर घर को स्वच्छ और सस्ती बिजली देने का सपना साकार किया है। हाल के समाचार और तकनीकी प्रगति इस क्षेत्र को और आकर्षक बना रहे हैं। इस ब्लॉग में हम पीएम सूर्य घर योजना के प्रभाव, सौर ऊर्जा में नवीनतम अपडेट्स और इसके फायदों पर चर्चा करेंगे।
पीएम सूर्य घर योजना: ताजा समाचार और प्रभाव
अप्रैल 2025 तक की खबरों के मुताबिक, पीएम सूर्य घर योजना ने 10 लाख से अधिक घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित किए हैं। फरवरी 2024 में शुरू हुई यह योजना 2027 तक 1 करोड़ घरों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने का लक्ष्य रखती है। इसके लिए 75,021 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित है, और अब तक 6.13 लाख परिवारों को 4,770 करोड़ रुपये की सब्सिडी मिल चुकी है।
सौर ऊर्जा में ताजा अपडेट्स
- क्षमता में रिकॉर्ड वृद्धि: मार्च 2025 की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत की सौर ऊर्जा क्षमता 103 गीगावाट तक पहुँच गई है। इस वित्तीय वर्ष में 25 गीगावाट से अधिक नई क्षमता जोड़े जाने की उम्मीद है।
- कुसुम योजना का विस्तार: पीएम कुसुम योजना के तहत किसानों को सोलर पंप और ग्रिड-कनेक्टेड सिस्टम पर 90% तक सब्सिडी मिल रही है। उत्तर प्रदेश में किसानों को केवल 10% लागत देनी पड़ रही है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा की मांग बढ़ी है।
- नई तकनीक: बाइफेशियल सोलर पैनल, जो दोनों तरफ से सूर्य की रोशनी अवशोषित करते हैं, और स्मार्ट इनवर्टर की लोकप्रियता बढ़ रही है। लिथियम-आयन बैटरी की कीमतें कम होने से सोलर सिस्टम की लागत भी घट रही है।
- राज्य-स्तरीय पहल: त्रिपुरा ने 2025 में 50,000 सोलर सिस्टम लगाने का लक्ष्य रखा है। नागालैंड और महाराष्ट्र ने भी केंद्र की योजनाओं के साथ मिलकर सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने की घोषणा की है।
- नए नियम: हाल ही में सरकार ने रूफटॉप सोलर के लिए नेट मीटरिंग नियमों को और सरल किया है, जिससे अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में बेचना आसान हो गया है।
सौर ऊर्जा के फायदे
- बिजली बिल में कमी: सोलर सिस्टम लगाने से बिजली बिल शून्य या न्यूनतम हो सकता है।
- पर्यावरण संरक्षण: सौर ऊर्जा जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करती है और कार्बन उत्सर्जन घटाती है।
- आय का स्रोत: अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में बेचकर लोग अतिरिक्त आय कमा सकते हैं।
- लंबी अवधि की बचत: सोलर सिस्टम की आयु 25 साल तक होती है, जो लंबे समय तक फायदा देती है।
इसे शुरू करने के लिए क्या करें?
- जानकारी लें: अपने क्षेत्र में सब्सिडी और ऋण योजनाओं के बारे में स्थानीय बिजली विभाग या सोलर विशेषज्ञों से संपर्क करें।
- सही सिस्टम चुनें: घर की बिजली खपत के आधार पर 1-3 किलोवाट का सिस्टम चुनें।
- प्रमाणित विक्रेता: हमेशा MNRE (नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय) द्वारा प्रमाणित उपकरण खरीदें।
- स्थापना: अनुभवी तकनीशियनों से सिस्टम इंस्टॉल करवाएँ ताकि अधिकतम दक्षता मिले।BlogB;log
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